Wednesday, January 27, 2010

महा सेल का मौसम

मौसम के बदलाव के साथ ही मैट्रोज़ में सेल का चलन बहुत ही आम है ा अत्यधिक व्यस्तता के बाद भी हममें से बहुत से लोग सेल के दौरान शापिंग का समय निकाल ही लेते हैं ा हालांकि शापिंग की परिभाषा हर किसी के लिए अलग होती है ा कुछ लोग ज़रूरत के लिए शापिंग करते हैं ,कुछ शौक के लिए तो कुछ तनावमुक्त होने के लिए ा
वजह चाहे जो भी हो शापिंग करना हम सभी को अच्छा लगता है और जब सेल सीजन हो तो किफायती दामों में ब्रांडेड कपड़े ,जूते और दूसरी उपयोगी वस्तुओं की शापिंग कौन नहीं करना चाहता ा
त्यौंहारों और मौसम के अंत में लगभग सभी ब्रैंड्स में सेल लग जाती है ा पिछले साल ऐसी ही एक शापिंग के दौरान ‘साउथ एक्ससटेंशन’ में मेरा अनुभव हास्यप्रद भी था और आश्चहर्यजनक भी ा जब ‘यू सी बी ’ के शो रूम में लोगों की भीड़ इतनी बढ़ गयी थी कि कुछ देर के लिए लोगों को बाहर ही रोक दिया गया ा बात यही खत्म नहीं हुई अंदर नज़ारा कुछ इस तरह का था कि लोग एक दूसरे पर गिरे जा रहे थे ा कपड़ों के रंग और साइज़ के लिए लोगों में बहस चल रही थी ा ट्रायल रूम के बाहर लाइन में खड़े लोग अपनी पारी का बेसब्री से इन्तज़ार कर रहे थे ा ऐसा लग रहा था कि लोग वहां शापिंग करने नहीं बल्कि कोई प्रतियोगिता जीतने आये हैं , जिसमें अधिक से अधिक अच्छे कपड़े खरीदने की होड़ लगी है ा
ऐसा इसलिए भी था क्योंकि सेल का समय निर्धारित था सुबह 9 बजे से 11 बजे तक ा खैर कपड़े ढूंढते ढूढते मुझे भी 10 :45 हो गये और फिर बिल पे करने के लिए आगे जाने की लग गयी होड़ ा
कभी कभी ऐसी शापिंग हमारे लिए बहुत अच्छा अनुभव बन जाती है और कभी कभी बहुत ही बुरा ा ऐसे में भीड़ भाड़ और लिमिटेड ऑप्शन के कारण शापिंग करने में थोड़ी परेशानी होती है ा
सेल सीजन में शापिंग करना थोड़ा रोमांचक और मुश्किल काम होता है इसलिए ऐसे में ज़रूरी होता है समझदारी के साथ शापिंग करना ा कोई भी सामान लेने से पहले उसे ठीक प्रकार से देख लें और उसके असली दाम को सेल के दाम से मिलाना ना भूलें ा आराम से शापिंग करें क्योंकि हो सकता है आप जल्दबाजी में कोइ अच्छा आफर मिस कर दें ा कपड़ों की साइज़ से बिलकुल काम्प्रांमाइज़ ना करें ा कोशिश करें अपने किसी खास मित्र के साथ जायें जो कपड़े पसन्द करने में आपकी मदद कर सके ा थोड़ी सी सावधानी बरतकर आप शापिंग का मज़ा लूटने के साथ कुछ यादगार अनुभव भी जुटा सकते हैं ा

Tuesday, January 26, 2010

Ek Insaa

Ek Dhaage se shuru hua
Ek rassi talak ban gaya
Ek motise shuru hua
Ek maala talak ban gaya

Ye hai ek insaa
Kabhi bhi bana sakta hai
mutthi bhar zamee se
chota sa aasmaa

Apni aashaao ka swami hai
Apni Khwaisho ka dhani hai
Kabhi bhi haar ko jeet me badal sakta hai
Apne vishwas pe vistaar pa sakta hai

Monday, January 11, 2010

WHAT’S NEXT

Life is a journey
Where you don’t know which type of people you meet the next
And how many people go apart from you

It’s life
Where you completely don’t know what’s next

You are a traveler
Who found so many things on the way
Who misses so many things on the way

The journey continues n continues
There is no particular destination
It’s just a long long wayy